इस सुनी भरी रातों में जब याद तुम्हारी आती है दिल तड़प तड़प जाता है ना नींद रात को आती हैमैं दिल को क्या समझाऊं क्या खुद को मैं बताऊं क्या हुआ मुझे है यारा किसको प्रीत बताऊं इस दर्द भरी चाहत की बातें दिल को चू ही जाती हैं इस सुंदरी रातों में जब याद तुम्हारी आती है ना जाने क्यों ना जाने क्यों इतना मैं तुझसे मोहब्बत करता हूं तू है बेवफ़ा हो जानी फिर भी मैं तुम पर मरता हूं अपनी दर्द भरी कहानी किसी से कहीं नहीं जाती है इस सुनसान भरी रातों में जब याद तुम्हारी आती है
याद तुम्हारी आती है