जिंदगी भीं एक होली है
जिंदगी भी एक होली है ,सुख दुख की रंगोली है
अपनो का प्यार हो ऐसा हमदम की टोली है,
हर मजहब हर धर्म की अपनी-प्यारी सी
इक बोली है
पूरे जीवन के भवर में बढ़िया हसीं ठिठोली है
जीवन एक मोह माया है जैसे आंख मिचौली है
मानवता के प्यार में सब कुछ है संसार में,
मानव धरम की जाती की खुशबू है बाहर में,
ना कोई ऊंचा न कोई नीचा रक्खा क्या तकरार में,
सब कुछ छीन जाता है कुछ पल के अहंकार में,
हर प्यार की बाते बोले तब तो ओ मीठी बोली है
कटुक वचन सबको चुभती है लागे जैसे गोली है
जीवन के भी रंग अनेक है कोई गोरा कोई काला,
मानवता का रंग ऐसा जैसे अमृत का प्याला
कही कही चौड़े रास्ते कही गम की कोली है,
पूरे जीवन के भवर में बढ़िया हसीं ठिठोली है।
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