उलझने

जिंदगी में तूने बढ़ा दी है उलझने इतनी,
तन्हाई की बढ़ा दी जालिम तूने मुश्किल कितनी ।
गर है तस्सली तुझको मेरा दिल तोड़ने से तो,
गम दे मुझे खुशी को तू पाले जितनी।
By kk chanchal

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